तनिष्क ज्वेलरी vs धर्म निरपेक्षता
तनिष्क ज्वेलरी वा धर्म निरपेक्षता के मामले को आप अपने-अपने दृष्टिकोण के हिसाब से देख सकते हैं | आपको अपने विचारों के अभिव्यक्ति का अधिकार है परन्तु आपको इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि जब आप धर्मनिरपेक्षता की बात करते हैं तो वह आपकी अपनी जिम्मेदारी और आपकी अपनी सोच होती है आप किस तरह धर्मनिरपेक्षता को देखते हैं | लोगों का नजरिया इस तरह की 1) सभी धर्म समान है 2)सभी धर्म को एक दूसरे की गरिमा को बनाए रखना चाहिए 3) सभी धर्म अलग -अलग अपना महत्व रखते हैं, 4) सभी धर्म को अपने-अपने धर्म को देखना चाहिए आपको दूसरे के धर्म का सम्मान या अपमान करने की कोई जरूरत नहीं |यहां जो चार दृष्टीकोण बताये है उसमें चार नंबर का जो दृष्टीकोण वो आज प्रभावी रूप से बढ़ाया जा रहा है |
जब कोई किसी और धर्म के द्वारा अपने धर्म के सम्मान को अपमान समझने लगे तो उसकी मानसिकता हीनता की ओर जाती है और देश खण्डित होने की ओर जाने लगता है | जहां लोग संविधान के पंथनिरपेक्ष को इतना बल केवल अपने स्वार्थ के लिए देते हैं वहां एक और शब्द है अखण्डता जिसपर भी ध्यान देना चाहिए | यदि केवल किसी एक धर्म के द्वारा दूसरे धर्म के सम्मान को इतना बुरा माना जाए, उस बात की विषय वस्तु को ना समझा जाए जिसको दर्शाया जा रहा है तो देश की अखंडता खतरे में |तनिष्क की उस एकता और दूसरे के धर्म को सम्मान देने वाले विज्ञापन को अलग करने का कारण उसकी शर्मिंदगी या गलती महसूस करना नहीं बल्कि अपनी आर्थिक हानि के होने का भय है | यह टाटा ग्रुप को अच्छे से पता है यदि इस देश पंथनिरपेक्ष या धर्म की बात कर दीं जाए तो देश के लोग बुद्धी का प्रयोग या विज्ञापन के उद्देश्य को ना समझकर भावना में बह जाते हैं | टाटा समूह का डर ये भी था कि उनको ये मालूम था कि जब बात किसी धर्म पर आ जाए तो कोई भी सरकार या विपक्ष आपका उद्देश्य सही होने पर भी आपका साथ नहीं देगी क्युकी इससे उनको वोट की हानि होगी |
एक और बात अगर गोर की जाए यहां लव जिहाद एक शब्द का प्रयोग किया जा रहा है, अगर इस विषय पर बात की जाए तो ये किसी भी व्यक्ति का मूल अधिकार है | जिससे उसको शादी करना वो कर सकता है स्वयंवर तो हमारे यहां प्राचीन काल से चलन में है | यहां पर एक बात यह भी है कि लड़कियों का शोषण तभी कर सकते हैं जब उनको लड़कों के समान किसी भी पंथ में शादी ना करने दिया जाए | लव जिहाद वो तरीका है जिसे लड़कियों को उनके अधिकार को रोकने के लिए इस्तेमाल किया जाता है | उन माँ बाप की तो बात ही क्या करे जो धर्म के खेल में आकर अपने ही बच्चों की बलि दे देते हैं उनकी खुशियो का गला दबा देते हैं |
कोई भी पंथ आपके धर्म से बढ़कर नहीं हो सकता बस आपको अपना धर्म ज्ञात हो | ये देश, आपका परिवार, अपनों का साथ किसी भी पंथ से बढ़कर है अपने पंथ के प्रति आस्था रखे उसका सम्मान करे सत्य का साथ दे अंधविश्वास से बचे देश की गरिमा और अखंडता बनाए रखे |

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